प्रधानमंत्री ने टीका निर्माताओं के प्रयासों की प्रशंसा की जिसके परिणामस्वरूप भारत ने 100 करोड़ टीकाकरण की बड़ी उपलब्धि हासिल की
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को पिछले डेढ़ साल के दौरान सीखी गई अच्छी चीजों को संस्थागत बनाने की जरूरत है
टीका निर्माताओं ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और गतिशील नेतृत्व की प्रशंसा की; सरकार और उद्योग जगत के बीच अभूतपूर्व समन्वय की भी सराहना की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोक कल्याण मार्ग पर घरेलू टीका निर्माताओं के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने टीका निर्माताओं के प्रयासों की प्रशंसा की, जिसके परिणामस्वरूप देश ने 100 करोड़ टीकाकरण का मील का पत्थर पार कर लिया है और कहा कि उन्होंने भारत की सफलता की कहानी में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने महामारी के दौरान उनकी कड़ी मेहनत और उनके द्वारा दिए गए भरोसे की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान सीखी गई सबसे अच्छी चीजों को संस्थागत बनाने की जरूरत है और कहा कि यह वैश्विक मानकों के अनुरूप हमारी चीजों को बेहतर करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की सफलता को देखते हुए पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु तैयार रहने के लिए टीका निर्माताओं को लगातार मिलकर काम करना चाहिए।
घरेलू टीका निर्माताओं ने टीकों के विकास की दिशा में निरंतर मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने में प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और गतिशील नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच अभूतपूर्व सहयोग भावना व समन्वय की भी प्रशंसा की, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे। टीके का उत्पादन करनेवाली कंपनियों ने इस पूरे प्रयास में सरकार द्वारा किए गए नियामकीय सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं, समय पर मंजूरी देने के साथ ही सरकार के दृष्टिकोण और सहायक प्रकृति की सराहना की। उन्होंने कहा किया कि अगर देश पुराने मानदंडों का पालन कर रहा होता, तो काफी देरी हो जाती और हम अब तक टीकाकरण के इस स्तर तक नहीं पहुंच पाते।
श्री अदार पूनावाला ने सरकार द्वारा किए गए नियामक सुधारों की प्रशंसा की। श्री साइरस पूनावाला ने महामारी के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा की। डॉ. कृष्ण ईला ने कोवैक्सिन लेने के लिए और इसके विकास के दौरान निरंतर समर्थन और प्रेरणा के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। श्री पंकज पटेल ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में डीएनए आधारित टीके के बारे में बात करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। सुश्री महिमा दतला ने प्रधानमंत्री के उस विजन की सराहना की जिससे देश को टीकाकरण की उपलब्धि हासिल करने में मदद मिली। डॉ. संजय सिंह ने टीका विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रतिगामी संयोजन के महत्व के बारे में बात की। श्री सतीश रेड्डी ने इस पूरे अभियान में सरकार और उद्योग के बीच अद्भुत सहयोग की सराहना की। डॉ राजेश जैन ने महामारी के दौरान सरकार के निरंतर संपर्क और संचार की सराहना की।
बातचीत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के श्री साइरस पूनावाला और श्री अदार पूनावाला; भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के डॉ. कृष्ण ईला और सुश्री सुचित्रा ईला; जाइडस कैडिला के श्री पंकज पटेल और डॉ शेरविल पटेल; बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड की सुश्री महिमा दतला और श्री नरेंद्र मंटेला; जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के डॉ. संजय सिंह और श्री सतीश रमनलाल मेहता; डॉ रेड्डीज लैब के श्री सतीश रेड्डी और श्री दीपक सपरा, और पैनेसिया बायोटेक लिमिटेड के डॉ राजेश जैन और श्री हर्षित जैन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य राज्य मंत्री और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भी बातचीत के दौरान उपस्थित थे।
***
एमजी/एएम/केसीवी
India’s #VaccineCentury has drawn widespread acclaim. Our vaccination drive wouldn’t be successful without the efforts of our dynamic vaccine manufacturers, who I had the opportunity to meet today. We had an excellent interaction. https://t.co/IqFqwMP1ww pic.twitter.com/WX1XE8AKlG
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2021
During the interaction with vaccine manufacturers, emphasised on the need of proper institutionalising of our processes while rolling out the vaccine and being prepared for the coming times, especially in strengthening India’s health infrastructure.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2021