नई दिल्ली में इंडियन लेबर कॉन्फरेन्स के 45वें अधिवेशन के उदघाटन के अवसर पर प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

बुलेटिन बोर्ड

  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन भारत में पंचायती राज संस्थाओं के जरिए शासन के विकेंद्रीकरण से आम आदमी सशक्त हुआ है और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बना है। आज स्थानीय सरकारों में 30 लाख से अधिक चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनमें से करीब 40 प्रतिशत महिलाएं हैं जो भारत में अपने समुदायों में विकास का एजेंडा लागू कर रहे हैं। इसी तरह आज महिला स्व सहायता समूहों में 3 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं जो अपने समुदायों में नई और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन हाल के वर्षों में हमने काम, शिक्षा और सार्वजनिक प्राधिकरणों से सूचना का कानूनी अधिकार प्रदान किया है। हम अपनी जनता को किफायती दर पर भोजन का अधिकार भी देने की योजना बना रहे हैं। इस संबंध में विधेयक संसद में रखा गया है। हम सार्वजनिक सेवाओं और अधिकारों की प्रभावी डिलीवरी एवं नागरिक पहचान के आधार के रूप में आधार कार्यक्रम के तहत दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रानिक पहचान डाटाबेस भी बना रहे हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण कार्यक्रम लाभार्थियों के लिए लाभ हासिल करना आसान बनाएगा और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में भ्रष्टाचार एवं बर्बादी को भी खत्म करेगा।
  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन आज एशिया बदलाव की राह पर खड़ा है। यदि उचित नीतियों और रणनीतिक दृष्टिकोण के जरिए हमारी अर्थव्यवस्थाओं की संभावनाओं का पूरा दोहन किया जाए तो एशिया निश्चित रूप से दुनिया के मामलों और वैश्विक बेहतरी में ज्यादा बड़ी भूमिका निभाएगा । प्रत्येक एशियाई देश को यह नेक लक्ष्य हासिल करने में योगदान के रास्ते और माध्यम तलाशने चाहिए।
  • पंचायती राज दिवस- 2013 समारोह में प्रधानमंत्री का उद्बोधन यह बात सही है कि हमारी आजादी के शुरुआती सालों में Centralized Planning ने राष्ट्र-निर्माण में एक बहुत अहम भूमिका निभाई थी । लेकिन, भारत जैसे बड़े और विविध देश में सही मायनों में inclusive विकास हासिल करने के लिए decentralization बहुत ज़रूरी है। आखिरकार, तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री राजीव गांधी के नैतिक साहस और आदर्शवादी सोच की वजह से ‘बुनियादी स्तर पर लोकतंत्र स्थापित करने’ की दिशा में हम आगे बढ़ सके। राजीव जी का सपना था कि पंचायती राज के जरिए लोकतंत्र और शासन भारत के हर चौपाल, हर चबूतरे, हर आंगन और हर दालान तक पहुँच पाए।
  • पंचायती राज दिवस- 2013 समारोह में प्रधानमंत्री का उद्बोधन पंचायतों में सीटों और अध्यक्ष के पद पर आरक्षण के लिए Article 243 D में प्रावधान किए गए हैं। इसके नतीजे में समाज के सदियों से पिछड़े तबकों जैसे महिलाएं, अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां local bodies में नेतृत्व वाले पद हासिल कर पाए हैं। कई राज्यों ने अपनी local bodies में अन्य पिछड़े वर्गों और महिलाओं के आरक्षण के लिए कानून बनाए हैं। 15 राज्यों ने पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण देने के लिए भी कानून बनाए हैं, जो महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से हकदार बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम हो सकता है।

 

4 मई, 2013 को ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में एशियाई विकास बैंक की 46वीं वार्षिक बैठक से पूर्व ग्रेटर नोएडा पहुंचते हुए और जापान के उप प्रधान मंत्री श्री तारो आसो से मुलाकात करते हुए प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

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